Akbar History In Hindi-Jalaluddin Muhammad Akbar

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Akbar History In Hindi

Akbar History In Hindi-Jalaluddin Muhammad Akbar: अकबार का पूरा नाम जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर था| अकबर को अकबर-ए-आजम भी कहते है| Akbar History In Hindi अकबर के शाशन के अंत तक भी मुगल साम्राज्य में उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश भाग सम्मिलित थे और अकबर का साम्राज्य उस समय के सबसे शक्तिशाली साम्राज्य में से एक था| अकबर अपने साम्राज्य का सबसे शक्तिशाली राजा और महान राजा भी कहलाता है| अकबर एक ऐसा राजा था जिसे हिन्दू और मुस्लिम दोनों ही कार्गो से एक बराबर प्यार मिलता था| अकबर ने हिन्दू और मुस्लिम समाज के बीच की दूरियों को ख़त्म करने के लिए दिन-या-इलाही नामक धर्म की स्थापना की थी. अकबर का दरबार सभी के लिए फिर चाहे वो हिन्दू हो या मुस्लिम सभी के लिए एक बराबर खुला रहता था| अकबर के दरबार में मुसलमान सरदार की जगह पर हिन्दू सरदार अधिक थे.

Akbar History In Hindi-Jalaluddin Muhammad Akbar

जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर जो पहले अकबर और फिर बाद में “अक़बर एक महान” के नाम से जाना जाने लगा था. अकबर भारत का तीसरा और मुगल का पहला सम्राट था| चौसा और कन्नौज में होने वाले शेर शाह सूरी से युद्ध में हुमायूँ का विवाह हामिदा बानो से हुआ था फिर उसके बाद अकबर का जन्म 15 अक्टूबर 1542 को सिंध में हुआ था जो अभी पाकिस्तान में है.

बहुत समय के पश्चात अकबर अपने पुरे परिवार के साथ काबुल चले गए थे जहा पर उनके चाचा जी रहते थे| अकबर का बचपनयुद्ध कला सिखने में व्यस्त था इससे अकबर एक निडर और शक्तिशाली राजा और बहादुर योद्धा बने.

अकबर की पत्नियां

सन् 1591 में अकबर में काबुल की रुक़य्या सुलतान बेगम से विवाह किया|

महारानी रुक़य्या बेगम अकबर के चाचा हैंडल मिर्जा की बेटी थी| रुक़य्या बेगम अकबर की पहली और मुख्य पत्नी थी| हैंडल मिर्ज़ा की मृत्यु के बाद हुमायूँ ने उनकी जगह ले ली और दिल्ली को फिर से स्थापित किया. दिल्ली में एक विशाल और बड़ी सेना का गठन किया तथा उसके कुछ समय पश्चात ही हुमायूँ की मृत्यु हो गयी.

हुमायूँ की मौत के बाद अकबर ने अपने राज्य में शाशन चलाया क्यूँकि उस वक्त पर अकबर छोटे थे| अकबर ने भारत पर हुकूमत की एक बहुत शक्षम और बहादुर योद्धा होने के कारण उन्होने पुरे भारत पर अपना कब्जा जमा रखा था. अकबर की ताकतवर फोज के कारण ही उसका कब्जा पुरे भारत पर था| अपने मुगल साम्राज्य को एक रूप बनाने के लिए अकबर ने जो भी प्रान्त जीते थे अकबर ने उन प्रान्त के साथ एक तो संधि की या फिर शादी करके रिश्तेदारी की|

Mughal Empire Jalaluddin Akbar Biography in Hindi

अकबार के राज्य में बहुत से धर्म के लोग रहते थे और सभी एक साथ रहते थे| अकबर ने अपने राज्य को एक जुट बनाये रखने के लिए बहुत काम किये जिससे की राज्य में अलग-अलग धर्म के लोग भी एक साथ रहे. अकबर के ऐसा कार्य करने से पैसा भी बहुत खुश थी| अकबर साहित्य को काफ़ी पसंद करते थे| उन्होने पुस्तकालय की स्थापना भी की|

उस पुस्तकालय में चौबीस हजारो से भी अधिक संस्कृत, उर्दू, ग्रीक, लैटिन, कश्मीरी सभी भाषा की पुस्तके उपलब्ध थी और साथ ही उस पुस्तकालय में कई विद्वान और लेखक भी मौजूद थे. अकबर ने खुद फतेहपुर सिकरी में महिलाओ के लिए एक पुस्तकालय की स्थापना की थी और हिन्दू और मुस्लिम बच्चो की शिक्षा के लिए स्कूल खोले गए.

दीन-ए-इलाही धर्म की स्थापना

अकबर ने अपने राज्य में हिन्दू और मुस्लिम लोगो में एकता बनाये रखने के लिए एक नए धर्म की स्थापना की थी| इस धर्म का नाम दीन-ए-इलाही था. इस धर्म में किसी भी भगवान की पूजा नही की जाती थी इसमें कोई मंदिर या कोई पुजारी नही होता था यह धर्म बहुत ही सहनशील और सरल धर्म था.

इस धर्म में जानकारी को मारने पर रोक लगाई गई थी और इसमें शांति पर सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता था| इस धर्म में कोई रस्मोरिवाज या कोई ग्रन्थ नही होता था| अकबर के दरबार के सभी लोग इस धर्म का पालन करते थे और वो अकबर को पैगम्बर भी मानते थे| बीरबल भी इस धर्म का पालन करते थे. इस धर्म की वजह से हिन्दू और मुस्लिम लोगो में एक दूसरे के प्रति प्यार और बढ़ गया था इससे सबसे बड़ा फायदा यह हुआ की लोग भेदभाव न करके सभी को बराबर मानने लगे थे.

Jalaluddin Muhammad Akbar History in Hindi

Akbar History In Hindi-Jalaluddin Muhammad Akbar

 

 

 

 

 

 

 

अकबार के दरबार की सबसे खास बात यह थी की उसके दरबार में एक से बढ़कर एक कलाकार रहते थे तथा वे सभी अपने काम में पूर्ण रूप से निपुण थे| अकबर के दरबार में नौ लोग इसे थे जिन्हे नवरत्न कहा जाता था| इन नवरत्न के नाम इस प्रकार है:-

  • बीरबल
  • अबुल फजल
  • टोडरमल
  • तानसेन
  • मानसिंह
  • अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना
  • मुल्ला दो प्याज़ा
  • हक़ीम हुमाम
  • फ़ैजी आदि

ये सब लोग थे जब ये सब लोग एक साथ होते थे तब नज़ारा काफी देखने योग्य होता था इन नौ व्यक्तियो का सामूहिक नाम नवरत्न कहलाता था.

  1. अबुल फजल अकबर के दरबार के सहिती, इतिहास और दर्शनशास्त्र का विद्वान अधिकारी था दिन-ए-इलाही के गठन में भी अबुल फजल का बहुत अधिक योगदान था अगर कभी भी वाद विवाद होता तो अबुल को हराना नामुमकिन था. कबूल एक अच्छा लेखक था उस युग के बारे में बहुत सी जानकारी अबुल द्वारा लिखी रचनाओ में मिलती थी तथा उसकी लेखन शक्ति का अन्य परिचय उसके पन्नो में मिलता था.
  2. राजा बीरबल का जन्म ब्राम्हण कुल में था वह अकबर के दरबार में होने के साथ साथ अकबर का अच्छा मित्र भी था| बीरबल अपने हाजिर जवाब और हसिरस के गण के कारण अकबर का बहुत प्रिय था. बीरबल ने अपनी चतुराई और अपने स्वाभाविक गुणों के कारण नवरत्नो में स्थान पा लिया था बीरबल चतुर, चालाक होने के साथ साथ इतना ही गुणवान भी था.
  3. राजा टोडरमल उत्तर प्रदेश के निवासी थे शुरुआत में उन्होने शेरशाह सूरी के यहां पर नौकरी की थी राजा टोडरमल अकबर के वित्त मंत्री थे. टोडरमल ने पुरे विश्व की प्रथम भूमिगत लेखा जोखा व मापन प्रणाली त्यार की थी| दीवान-ए-अशरफ़ के पद पर कार्य करते हुए टोडरमल ने भूमि के सम्बन्ध में जो सुधार किए वे नि:संदेह प्रशंसनीय हैं। टोडरमल ने एक सैनिक एवं सेना नायक के रूप में भी कार्य किया.
  4. तानसेन संगीत का सम्राट था उसे संगीत का प्रशंशक होने के कारण अकबर ने अपने नवरत्नो में शामिल किया था| मिया तानसेन के गीत की कुछ बात ही अलग थी. अकबर उनके गीतो और रागो को बहुत मन लगाकर सुना करते थे| मिया तानसेन ने खुद भी कई रागो का निर्माण किया अकबर ने तानसेन को “खाना भरण वाणी विलास” की उपाधि दी थी.
  5. राजा मानसिंह जयपुर के रहने वाले थे वो कछवाहा राजपूत राजा थे| मानसिंघ अकबर की सेना के सेनापति थे. मानसिंघ की बुआ जोधाभाई अकबर की पटरानी थी मानसिंघ के साथ सम्बन्ध होने के बाद अकबर ने हिन्दुओ के साथ अपनी उदारता परिचय देते हुए जज़िया कर को समाप्त कर दिया.
  6. अब्दुल रहीम खान-ऐ-खाना कवि थे और अकबर के दरबार के सरंक्षक थे और बेरेम खान के बेटे थे ये उच्चकोटि के विद्वान तथा कवि थे| अकबर ने गुजरात को जितने के बाद अब्दुर्रहीम खानखाना को खान-या-खाना की उपाधि दी थी.
  7. मुल्ला दो प्याज़ा अरब का रहने वाला था वह हुमायूँ के समय भारत आया था इनका नाम अब्दुल तहँ था| अब्दुल हसन अपना अधिकांश समय किताबे पढ़ने में लगाते थे. मुल्ला दो प्याज़ा भी अकबर के नवरत्न में से एक थे मुल्ला दो प्याज़ा ने अकबर के पुस्तकालय में किताबो को बहुत सुरक्षित ढंग से रखा हुआ था. किताबो को जरि में लपेट कर रखा हुआ था और वो हमेशा खाने में दो प्याज अधिक खाते थे इस लिए अकबर ने इनका नाम मुल्ला दो प्याजै रख दिया था.
  8. हकीम हुमाम अकबर का सलाहकार था और अकबर के नवरत्न में से एक था हकीम हुमाम कविता समझने के विशेषज्ञ थे हकीम अकबर के रसोई घर के प्रधान थे.
  9. नोवा नवरत्न फैजी था यह अबुल फ़ज़ल का भाई था यह फारसी भाषा में कविता किया करते थे| फैजी राजा अकबर के बेटे को गणित की शिक्षा देते थे| यह दिन या इलाही धर्म का कट्टर समर्थक था.

जोधा अकबर का विवाह का इतिहास – अकबर की कहानी

Akbar History In Hindi-Jalaluddin Muhammad Akbar

अकबार ने अपनी ताकत से भारत को मुगलो के अधीन कर लिया था उस समय अकबर और राजपूत लोग एक दूसरे के दुश्मन थे| अकबर ने भारत को पुरे तरीके से अपने अधीन करने के लिए एक रणनीति बनाई जिसमें युद्ध और समझौता शामिल था.

अकबर के पास विशाल सेना थी और वो आसानी से राज्यों पर अपना कब्जा जमा लेता था लेकिन इस सब में बहुत खून खराबा होता था और फिर अकबर ने समझौते की नीति को अपनाए जिसके तहत वह राज्यों की राजकुमारियों से विवाह करता था और इस तरीके से अकबर सम्मान के साथ सभी रियासतों से रिश्ते जोड़ लेता था.

जब अकबर का युद्ध राजा भारमल से हुआ तब अकबर ने राजा भारमल के तीनों बेटो को बंदि बना लिया था और फिर राजा भारमल ने अकबर के साथ समझौता करने का फैसला ले लिया था और इस तरह राजा भारमल की पुत्री राजकुमारी जोधा का विवाह अकबर के साथ हुआ.

विवाह होने के बाद परम्परा के हिसाब से जोधा बाई को मुस्लिम धर्म अपनाना था लेकिन जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर ने उन पर मुस्लिम धर्म को अपनाने के लिए कोई जोर नही दिया. अकबर के इस स्वभाव के कारण ही जोधा भाई के मन में अकबर के लिए प्यार जागा और फिर जोधा बाई ने अकबर का परिचय हिन्दू धर्म और हिन्दू धर्म की परम्पराओ से कराया.

अकबर के मन में हिन्दू धर्म के लिए इज़्ज़त इसीलिए थी क्यूंकि अकबर का बचपन एक हिन्दू परिवार में बीता था| उनके पिता की जल्दी मृत्यु होने के कारण अकबर का बचपन हिन्दू परिवार में बीता था. जोधा बाई अकबर को सही और गलत का रास्ता बताती थी इसीलिए अकबर की कई पत्निया होने के बाद भी अकबर को जोधा बाई सबसे प्रिय थी.

अकबर और जोधा बाई की दो संतान हुई हसन और हुसैन लेकिन ये दोनों संतान गुजर गई थी बाद में अकबर और जोधा की एक और संतान हुई जिसका नाम जहाँगीर था जिसने मुगल साम्राज्य का राजा बन भारत पर हुकूमत की| अकबर की प्रेम कहानी के बारे में अब सब जानते है| उनकी प्रेम कहानी एक अम्र कहानी है| अकबर एक अच्छा राजा होने के साथ साथ एक अच्छा पति और अच्छा पिता भी था.

Information About Akbar in Hindi (अकबर की मृत्यु कैसे और कब हुई)

अकबार की सन् 1605 (27 अक्टूबर) में पेचिश के कारण मृत्यु हो गई थी और अकबर को आगरा के सिकन्दरा में दफ़नाया गया था. जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर अपनी अच्छाई के लिए किसी फ़रिश्ते से कम नही थे क्यूंकि वह प्रत्येक कार्य अपनी प्रजा के हित में करते थे और उनकी प्रजा भी उनसे बहुत प्यार करती थी.

अकबर की सबसे ख़ास बात यह थी की वे अपनी प्रजा के दुःख और तकलीफ से वाकिफ़ होकर उसे पूरी तरह से दूर करने के पर्यतन करते थे. अकबर एक बहुत अच्छा शाशक था पिता की बचपन में ही मृत्यु हो जाने के बाद भी वो इतने गुणवान और निपुण थे| मुस्लिम धर्म के होने के बाद भी दूसरे धर्म की भी बराबर इज़्ज़त करते थे ये गुण अकबर का सबसे अहम गुण था की वे दूसरे किसी भी धर्म को बिलकुल बराबर का स्थान देते थे.

भारत के इतिहास में अकबर को बहुत महत्व दिया गया है| अकबर एक महान राजा के नाम से अपने राज्य में जाना जाता था. अकबर के शाशन काल के समय मुगल साम्राज्य तीन गुना अधिक बढ़ चुका था लेकिन अकबर ने कभी भी किसी पर मुस्लिम धर्म को अपनाने के लिए जोर नही दिया चाहे वे उनकी बीवी जोधा भी क्यों ना हो| अकबर हर धर्म और मज़हब को बराबर का स्थान देता था.

अकबर ने एक बहुत ही प्रभावी सेना का निर्माण किया था जो की बहुत ही सक्षम और शक्तिशाली सेना थी| सम्पूर्ण भारत के इतिहास में अकबर एक ऐसा शाशक था जो हिन्दू और मुस्लिम को एक बनाये रखने का प्रयास करता था. अकबर को उदार शाशको में गिना जाता था क्यूंकि अकबर उदार और शांति प्रिय स्वभाव का व्यक्ति था.

अकबर भारत के प्रसिद्ध शाशको में अग्रगण्य शाशक था| अकबर मुगल साम्राज्य का एकेला ऐसा सम्राट था जिसने हिन्दू और मुस्लिम लोगो में किसी नीड भाव को जन्म नही दिया| उसने दोनों तरह के लोगो को अपनी सामान उदारता का परिचय दिया.

Conclusion:

आज मैने आपको अकबर का जीवन परिचय बताया बताने के लिए तो बहुत कुछ है लेकिन अगर आपको आपकी स्कूल या कॉलेज में अकबर की जीवनी लिखने को कहा जाये तो इतनी जानकारी आपके लिए बहुत है. यहा हमने जोधा बाई का भी जिक्र किया है जो की उनके जीवन की सबसे ख़ास थी इनके बारे में भी आपको जानकारी होनी चाहिए.

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