सोशल मीडिया से सावधान…ये पट्टी जगह-जगह लगवा देनी चाहिए. क्योंकि ये नफरत फैलाने का ऐसा जरिया बन चुका है, जिसके लिए जो कहा जाए कम है. खैर ताजा शिगूफा छोड़ा गया है एक कथित नागा साधु की पिटाई को लेकर. एक वीडियो जमके शेयर किया जा रहा है जिसमें एक नागा साधु की तरह दिख रहे आदमी को कुछ लोग लाठी-डंडे से पीट रहे हैं. इस वीडियो के साथ क्या लिखा जा रहा है, वो भी सुन लीजिए..

ये देहरादून है जो एक नागा साधु को बुरी तरीक़े मार रहा है, इसी उत्तराखंड को देवों ओर ऋषि मुनियो की धरती कहते है ,क्या देखकर तुम्हें अभी भी बकाई में साधु मुनि की धरती लगती है?
इन सूअरों को सजा मिलनी चाहिए यह कौन है और क्यों नागा बाबा साधुओं को इस तरह से मारा जा रहा है?
जिन भोले भाले देवे भूमि के लोगों के लिए उत्तराखंड का सपना देखा गया था वो ज़िन्दगी भर प्रवास करते रहेंगे । जय श्री राम,,,जय हिन्द

(नोट- हमेशा की तरह मेसेज की भाषा से कोई छेड़छाड़ नहीं की है. जैसा आया था वैसा आपके सामने है. वर्तनी और ग्रामर की गलती पर ध्यान न दें.)

बड़े-बड़े लोग कर रहे शेयर-

एक्ट्रेस कोइना मित्रा भी कर बैठी इसके लिए ट्वीट.
एक्ट्रेस कोइना मित्रा भी कर बैठी इसके लिए ट्वीट.
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पत्रकार अभिजीत मजूमदार भी इसके चक्कर में फंस गए.

सोशल मीडिया पर आम लोग फिर कैसे पीछे छूट जाते –

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सच्चाई क्या है?

मामला देहरादून का ही है, जैसा तमाम पोस्ट्स में बताया जा रहा है. मगर वैसा बिल्कुल नहीं है जैसा शेयर किया जा रहा है. हमने इसकी सच्चाई जानने के लिए देहरादून साइबर सेल में फोन मिलाया. वहां हमारी बात हुई वीपी थपलियाल से. उन्होंने इस वीडियो को देखने के बाद बताया कि कुछ दिन पहले ऐसा एक मामला हुआ था. देहरादून के पटेल नगर थाने में इसकी एफआईआर दर्ज हुई थी. वहां एक बहरूपिये बाबा को गिरफ्तार किया गया था.

हमने तुरंत पटेल नगर थाने में फोन लगाया. वहां से ये कंफर्म हुआ कि हां एक ऐसा मामला है तो. हमारी बात हुई इस मामले की विवेचना कर रहीं एसआई मोनिका मुनराल से. उन्होंने बताया कि ये मामला 24 अगस्त का है. ट्रांसपोर्ट नगर के रहने वाले कुछ लोग इस नागा साधु के भेष धरे बाबा को थाने लाए थे. इस पर एक लड़की से छेड़खानी का आरोप था. शिकायत पर पुलिस ने इस कथित साधु को गिरफ्तार कर लिया था. धारा 354 बी, 504, 452, 376, 511 के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था. मोनिका ने मुकदमे की जांच के दौरान उस लड़की से भी बात की जिसके साथ छेड़खानी का आरोप था. लड़की ने मोनिका को बताया….

24 अगस्त को दोपहर में ये कथित नागा साधु मेरे घर के बाहर आया. मैं औऱ मेरा भाई घर पर थे. वो भीख मांग रहा था तो भाई के कहने पर मैंने कुछ पैसे और खाने का सामान उसे दिया. इस दौरान वो मुझसे अभद्रता करने लगा. गलत बात करने लगा. (जो उसने कहा वो हम आपको नहीं बता सकते). मैं तुरंत चिल्लाई और अपने भाई को बताया.

लड़की के चिल्लाने पर आस पड़ोस के लोग भी इकट्ठा हो गए. इसी दौरान इस लड़के के भाई और कुछ लोगों ने इस कथित साधू को पीटा (जोकि गलत है) और फिर पटेल नगर पुलिस थाने ले गए और उसके खिलाफ मुकदमा लिखवाया. यहां हम ये भी बता दें कि पीड़ित लड़की एक हिंदू परिवार की थी और उसको पीटने वाले उसके भाई का नाम शुभम है. इसमें मुस्लिमों द्वारा पीटे जाने जैसा कुछ नहीं है.

इस नकली साधु की सच्चाई भी जान लें

ये तो हो गया पूरा मामला. पर हमें पता है अब भी कुछ लोग होंगे जिन्हें ये साधु फर्जी नहीं लग रहा होगा. वो इसे हिंदू धर्म पर आघात मान के चल रहे होंगे. तो वो ये बात सुन लें. जान लें कि हम आरोपी को कथित साधु क्यों कह रहे हैं. वो इसलिए क्योंकि ये कोई नागा साधु है ही नहीं. एसआई मोनिका ने हमें बताया कि आरोपी का नाम सुशील नाथ है. उसकी जेब से एक डायरी मिली थी. उसमें एक नंबर था. जब उन्होंने उस पर मिलाया तो पता चला कि वो उसकी पत्नी का है. पत्नी ने ये बात कबूली कि उसका पति नागा साधु का भेष धरकर भीख मांगता है. वो लोग हरियाणा के यमुनानगर के रहने वाले हैं और यहां देहरादून में सपेरे और भीक्षा मांगने का काम करते हैं. उसके 6 बच्चे भी हैं. अब आप ही बताओ कि किस नागा साधु के 6 बच्चे होते हैं. नहीं होते न. अब तो मानोगे न कि ये फर्जी साधु था. तो जिनको भी इस आदमी से सहानुभूति रही हो, वो उसे निकाल दे. क्योंकि असल में यही बहरूपिये सच्चे साधु-संतों के दुश्मन हैं.

मामले में देहरादून एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने भी कई ट्वीट कर जानकारी दी है|

तो हमारी पड़ताल में ये साफ हो गया कि ये कोई साधु नहीं है. एक बहरूपिया है, जिसे एक लड़की से छेड़खानी के आरोप में जेल भेज दिया गया है. आप भी इसे इसी तरह लें. हिंदू-मुस्लिम का रंग देकर पहले से ही फैली नफरत को और न बढ़ाएं.

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