सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण, हर सवाल का जवाब यहां

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Lunar eclipse of the century

आज यानी 27 जुलाई को चंद्रग्रहण लगने वाला है। कुल 3 घंटे 54 मिनट 33 सेकंड का यह ग्रहण 104 साल का सबसे लंबा चंद्रग्रहण होगा। इसे देशभर में नंगी आंखों व बिना किसी उपकरण के देखा जा सकेगा। 18 साल बाद यह पहला मौका है, जब गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को ग्रहण लगेगा। ग्रहण रात 11:54 बजे शुरू होगा और तड़के 3:49 बजे तक प्रभावी रहेगा। सूतक शुक्रवार दोपहर 2:54 बजे से प्रभावी होगा।

सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण मध्य रात्रि 11:54 बजे से शुरू होगा। इसका शनिवार सुबह 3:49 बजे मोक्ष होगा। गुरु पूर्णिमा पर गुरु-शिष्य पूजन की परंपरा का दिवस रहेगा, लेकिन मध्याह्न 2:55 बजे पर ग्रहण का सूतक लग जाने के कारण पूजन एवं धार्मिक कार्यक्रमों आदि पर विराम लग जाएगा। सूतक के कारण मंदिरों के पट भी मंगल हो जाएंगे। शास्त्राें में परंपरानुसार इस ग्रहण के सूतक काल में देव दर्शन, पूजन आदि वर्जित रहते हैं, साथ ही जप-तप, ध्यान आदि करने पर अनंत फल मिलता है। ग्रहणकाल में भोजन करना भी वर्जित माना जाता है, लेकिन भोजन करने की जरूरत पर तुलसी का उपयाेग कर भोजन सेवन किया जा सकता है।

1. क्या भारत में दिखेगा चंद्र ग्रहण:

सदी के इस चंद्रग्रहण का नजारा भारत में भी देखा जा सकेगा। हालांकि दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों के लोग प्रदूषण के कारण खुली आंखों से यह नजारा देखने से वंचित हो सकते हैं। बारिश के मौसम को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में भी लोग इस नजारे से चूक सकते हैं।

2. भारत में कितने बजे दिखेगा:

भारत में शुक्रवार-शनिवार रात पूरे 1 घंटे 42 मिनट और 57 सेकंड तक पूर्ण चंद्रग्रहण देखा जा सकेगा। इसकी कुल अवधि 6 घंटा 14 मिनट रहेगी लेकिन पूर्ण चंद्रग्रहण की स्थिति 103 मिनट तक रहेगी। भारत में यह रात 11 बजकर 54 मिनट से स्पर्श कर लगभग 3 बजकर 54 मिनट पर पूर्ण होगा।

3. ….तो न हों मायूस:

अगर सदी के लम्हे और आपके बीच मौसम विलन बन जाए, तो मूड खराब न करें। कई यू-ट्यूब चैनल चंद्रग्रहण का सीधा प्रसारण कर रहे हैं। यह प्रसारण साढ़े 11 बजे से शुरू हो जाएगा। गूगल अकाउंट से साइन-इन करके आप रिमांइडर भी फिट कर सकते हैं। इससे प्रसारण शुरू होते ही आपको नोटिफिकेशन भी मिल जाएगा। दिल्ली में चंद्र ग्रहण को देखने के लिए नेहरू तारामंडल ने खास इंतजाम किए हैं। नेहरू तारामंडल के एक अधिकारी ने बताया कि लोग चंद्रग्रहण को देख पाएं और समझ पाएं, इसे लेकर तारामंडल ने तैयारी की है। उन्होंने बताया कि टेलिस्कोप के जरिए चंद्रग्रहण देखने से पहले कुछ कार्यक्रम भी किए जाएंगे, जिसमें इससे जुड़े वैज्ञानिक और पौराणिक महत्व के बारे में बताया जाएगा।

4. इतना खास क्यों है यह ग्रहण:

आज आधी रात लगने वाला चंद्रग्रहण 21वीं सदी में सबसे लंबा है। देर रात शुरू होने वाला चंद्रग्रहण लगभग पौने दो घंटे तक देखा जा सकेगा। 9 जून 2123 को ही ऐसा चंद्रग्रहण देखने को मिलेगा।

5. दुनिया में कहां-कहां दिखेगा:

यह चंद्रग्रहण दक्षिण एशिया, अफ्रीका के अधिकांश हिस्से, मध्य पूर्व और हिंद महासागर क्षेत्र में दिखेगा। सिर्फ उत्तरी अमेरिका के देशों में रहने वाले इस चंद्रग्रहण को नहीं देख सकेंगे।

6. चांद पर क्यों लगता है ग्रहण:

दरअसल, पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है और चांद पृथ्वी की। जब पृथ्वी सूर्य और चांद के बीच आ जाती है तो पृथ्वी सूर्य की किरणों को चांद तक पहुंचे नहीं देता और चांद हमें दिखाई नहीं देता इसे चंद्र ग्रहण कहते हैं।

7. सुर्ख लाल क्यों हो जाता है चांद:

चंद्रग्रहण के दौरान चांद लाल रंग का दिखेगा। ऐसा तब होता है जब कुछ समय के लिए पूरा चांद अंतरिक्ष में धरती की छाया से गुजरता है। इस दौरान लाल रंग के तरंग नीले और बैंगनी रंग से कम बिखरते हैं। इसी वजह से ऐसा लगता है कि जैसे चांद पूरा लाल हो गया है। इसे ही ब्लड मून कहा जाता है।

8. कब-कब चांद पर लगा बड़ा ग्रहण:

यह साल 2018 का दूसरा और आखिरी चंद्रग्रहण भी है। इससे पहले 31 जनवरी 2018 को चंद्रग्रहण लगा था। अब अगला चंद्रग्रहण 21 जनवरी 2019 को होगा जिसकी समयावधि 1 घंटे 2 मिनट से ज्यादा नहीं रहेगी। पिछली सदी में 16 जुलाई 2000 को सबसे लंबा चंद्रग्रहण लगा था। इसकी समयावधि 1 घंटे 47 मिनट थी।

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