EXCLUSIVE: The underworld don Dawood's network is blaming Test cricket

सटोरिए को सट्टे के लिए क्रिकेट का सबसे छोटा फॉर्मेट यानी टी-ट्वेंटी सबसे ज्यादा रास आता है. क्योंकि इसमें जीत-हार का फैसला जल्दी हो जाता है. थोड़े वक्त में ही सब कुछ सामने आ जाता है. लेकिन इसके ठीक उलट कुख्यात D-कम्पनी को स्पॉट फिक्सिंग के लिए इस खेल का सबसे लंबा फॉर्मेट यानी टेस्ट क्रिकेट पसंद है. ‘अल जज़ीरा’ ने 18 महीने की जांच के बाद खुलासा किया है कि अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम मुंबई में अपने फिक्सर्स के नेटवर्क के जरिए टेस्ट क्रिकेट को दागदार कर रहा है.

  • 15 साल पहले अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किए गए दाऊद के बारे में माना जाता रहा है कि वो वन डे और टी-20 फॉर्मेट से जुड़े स्पॉट फिक्सिंग के गोरखधंधों को अंजाम देता रहा है. लेकिन अल जज़ीरा की जांच से सामने आया है कि दाऊद क्रिकेट के सबसे पुराने और ऊंचे फॉर्मेट टेस्ट मैचों पर लंबे समय से दांव लगा रहा है जिस पर ज़्यादा नजर नहीं रहती.
  • दोहा में हेडक्वार्टर वाले अल जज़ीरा चैनल ने कैमरे पर दाऊद इब्राहिम के लिए मुंबई से काम करने वाले अनील मुनव्वर को कैद किया. मुनव्वर को अल जज़ीरा के अंडर कवर रिपोर्टर को ये बताते सुना जा सकता है कि माफिया सिंडीकेट कैसे वर्षों से टेस्ट क्रिकेट को दागदार करता आ रहा है. पढ़िए अंडर कवर रिपोर्टर से मुनव्वर की बातचीत के अंश.

मुनव्वर- कभी छोटी मोटी दिक्कतें होती हैं लेकिन हम संभाल लेंगे.

रिपोर्टर- लेकिन क्रिकेट बोर्ड के भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारियों से कैसे निपटते हैं?

मुनव्वर- असल में, अगर आपके पास पैसा है तो आप कुछ भी कर सकते हैं.

मुनव्वर ने दावा किया कि डी-कंपनी 60 से 70 फीसदी मैचों, ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय, को फिक्स कर सकती है.

  • मुनव्वर ने बताया, “पांच दिन के मैच में दस ओवर के सेशन में खिलाड़ियों को खराब खेलने के लिए घूस दी जाती है. इससे आपको सट्टा लगाने के लिए अधिक से अधिक मौके मिलते हैं. जहां तक मैच का सवाल है तो उसमें तो दो ही विकल्प होते हैं- हार या जीत.” मुनव्वर ने ये भी बताया कि कैसे फिक्स्ड स्पॉट्स के बारे में जानकारी अमीर ग्राहकों को प्रीमियम वसूल कर बेची जाती है. मुनव्वर ने कहा, ‘जो हमारे साथ पिछले चार से पांच साल से जुड़े हैं, वो हर मैच, हर टीम पर चार से दस करोड़ रुपये कमा रहे हैं.’
  • अल जज़ीरा के अंडर कवर रिपोर्टर की मुंबई में मुनव्वर के साथ कई मुलाकातों के बाद इस फिक्सर ने बताया कि किस तरह दिसंबर 2016 में चेन्नई में भारत-इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे टेस्ट के एक सेशन को फिक्स किया जाएगा. मुनव्वर ने अंडर कवर रिपोर्टर से कहा, ‘मैं तुम्हें टॉस होने के बाद जानकारी दूंगा. जब मैच शुरू होगा और सट्टा मार्केट काम करना शुरू होगा. उस वक्त तक सब कुछ तय हो जाएगा. सेशन (स्पॉट फिक्सिंग वाला) 20 ओवर का होगा या 40 का होगा या 10 का होगा, मैं वॉट्सअप पर बताऊंगा.
  • मुनव्वर ने ये भी कहा कि उसने इंग्लैंड को 40 लाख रुपए में ‘हासिल’ किया है. लेकिन अल जज़ीरा ने उसे कुछ नहीं दिया. उसकी जगह साथ बैठे एक बिचौलिए को कैश दिया गया.दिसंबर 2016 में मैच शुरू होने से पहले मुनव्वर ने चैनल के बिचौलिए पिन्टू को फोन किया और 10 ओवर के सेशन की पेशकश की जो उसके मुताबिक फिक्स किया जा चुका था.
  • मुनव्वर ने दोबारा बिचौलिए को फोन कर ये बताया कि मैच का आखिरी ओवर कम स्कोरिंग वाला रहेगा. अल जज़ीरा ने मुनव्वर की भविष्यवाणियों पर इंटरपोल के पूर्व इंवेस्टिगेटर क्रिस इटॉन से उनकी राय जाननी चाही. इटॉन ने कहा, ‘ये बहुत विश्वास करने लायक है. इतना विश्वास करने लायक कि उसने जो भी कहा वो लगभग सच लगता है. उसने जैसे-जैसे बताया ठीक वैसा-वैसा ही हुआ.’
  • अल जज़ीरा की जांच से सामने आया कि मुनव्वर ने चैनल के बिचौलिए को पिछले साल मार्च में रांची में ऑस्ट्रेलिया के साथ टेस्ट शुरू होने से पहले फोन किया. उसने बिचौलिए से कहा कि सटोरियों ने जो स्कोर बताया है उससे नीचे पर सट्टा लगाए. मुनव्वर की दी टिप्स और मैच की फुटेज देखने के बाद इटॉन ने कहा, ‘इतने सारे संयोग एक साथ नहीं हो सकते. जो मुनव्वर ने भविष्यवाणी की थी, वैसा वैसा ही हुआ.’ इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने एक बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भ्रष्टाचार के आरोपों को उसने बहुत गंभीरता से लिया है और कतारी न्यूज स्टेशन से असंपादित वीडियो को जांच के लिए सौंपने को कहा है.
  • आईसीसी ने कहा, “हम ब्राडकॉस्टर के साथ संवाद कर रहे हैं जो सहयोग और जानकारी देने के लिए हमारे बार-बार के आग्रह को नामंजूर कर रहा है जिससे हमारी जांच प्रभावित हो रही है. प्रोग्राम का कंटेंट निश्चित रूप से हमारी जांच के लिए उपयोगी होगा. हम प्रोडक्शन टीम से उसके पास जो भी सारे असंपादित और पहले ना देखे गए साक्ष्य मौजूद हैं वो हमें मुहैया कराए जिससे कि हम जांच को रफ्तार दे सकें.”
  • क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई की ओर से इस पूरे मामले पर जांच में ICC को पूरा सहयोग देने की बात कही है. बीसीसीआई ने बयान जारी कर कहा कि खेल की छवि को किसी तरह से धूमिल करने और खेल की अखंडता को खराब करने के मामलों में जीरो टोलरेंस पॉलिसी है. आईसीसी की भ्रष्टाचार रोधी ईकाई के साथ मिलकर बोर्ड इस मामले में काम करेगा.

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