Vakil Kala Coat kyu Pahnte Hai | History Of Lawyers Uniform

वकील काला कोट क्यों पहनते है: सभी जानते हैं कि हर काम के लिए के एक यूनीफॉर्म होती है. पुलिस वाले खाकी पहनते हैं. वकील काला कोट पहनते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि वकीलों के द्वारा पहना जाने वाला काला कोट अंग्रेजो की ही निशानी है, जिसे आज तक भारत में भी चलाया जा रहा है. दरअसल यूरोप में न्यायाधीश और वकील लबादे पहनते हैं. इसी के साथ ही पश्चिमी देशों पुराने राज दरबारों और गिरिजाघरों के पादरी भी पहना करते हैं.

वकील काला कोट क्यों पहनते है

जैसे कोई एफिडेविट बनवाना हो, कोई कानूनी सलाह लेनी हो या फिर किसी केस को लड़ने के लिए आप उनसे मिले भी होंगे. आप भी उन्हें काले कोट में ही पहचानते हैं कि वे वकील हैं. लेकिन उनके इस पहनावे के बारे में जानते हैं ? चलिए अब आपको बताते हैं उनके काले कोट पहनने की वजह…

1. वकील जो काला कोट पहनते हैं वो कोई फैशन नहीं होता बल्कि इसके पीछे बात ये है कि साल 1327 में ही वकालत की शुरुआत एडवर्ड तृतीय द्वारा हुई थी और उसी समय वकीलों का पहनावा भी तय किया गया. लेकिन वह काला कोट नहीं बल्कि सुनहरे लाल रंग के कपड़े और उस पर भूरे रंग का गाउन हुआ करता था.

2. उस समय जज अपने सिर पर एक लम्बे बालों वाला विग हुआ करता था और वकीलों को चार भागों में बांटा गया था जिसमें स्टूडेंट, प्लीडर, बेंचर तथा बैरिस्टर होते थे.

3. साल 1600 में फिर सोचा गया कि बार काउंसिल को जनता के हिसाब से अपनी यूनीफॉर्म डिसाइड करनी चाहिए और उसके बाद वेशभूषा के रूप में उनके लिए लम्बे काले कोट तय किए गये.

4. ऐसा माना जाता था कि यह लम्बा काला गाउन उनके पेशे की पहचान है और जो वकीलों को बाकी लोगों से अलग करता है.

5. साल 1694 में जब क्वीन मैरी का निधन हुआ था, तब उनके पति राजा विलियंस ने सभी जजों और वकीलों को काला गाउन पहनकर इकट्ठा होकर शोक मनाने का आदेश दिया था. उस आदेश को कभी रद्द नहीं किया गया और आज तक वकील ये लम्बा काला गाउन पहनते आ रहे हैं.

6. साल 1961 में वकीलों के काले कोट को लेकर एक अधिनियम जारी किया गया जिसके अनुसार अदालत में वकीलों को सफ़ेद शर्ट पर सफ़ेद बैंड टाई और काला कोट पहनकर आना अनिवार्य कर दिया गया.

7. आज यह काला कोट जो वकीलों की पहचान है, कहा जाता है कि यह प्राधिकरण और शक्ति का प्रतीक है. वहीं सफ़ेद बैंड टाई को निर्दोषी और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है.

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