Yoga Karne Ke Fayde Yoga Ke Prakar In Hindi Healthy Tips

Yoga Karne Ke Fayde | Yoga Ke Prakar In Hindi: तेजी से दौड़ती जिंदगी के कारण अपनी सेहत का ख्याल रख पाना बेहद मुश्किल हो गया है। Yoga Karne Ke Fayde” ऐसे में योग के जरिए आप खुद को शारीरिक के साथ मानसिक प्रॉब्लम को भी दूर रख सकते हैं। आज ‘इंटरनेशनल योगा डे’ के मौके पर हम आपको योग करने के कुछ फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानकर आप भी योगा करना शुरू कर देंगे। नियमित रूप से योग करने से आपकी हैल्थ अच्छी रहती है और आप कई बीमारियों से भी बचे रहते हैं। तो चलिए जानते हैं रोजाना योगा करने के कुछ हैल्थ बेनिफिट्स के बारे में। “Yoga Ke Prakar In Hindi”

Yoga Karne Ke Fayde | Yoga Ke Prakar In Hindi

Yoga Karne Ke Fayde | Yoga Ke Prakar In Hindi

1. ब्लड प्रैशर कंट्रोल

योग करने के फायदे: योगासन ब्लड प्रैशर को नियंत्रित करने में भी मददगार होता है। नियमित योगा करने से हाई ब्लड प्रैशर तकरीबन 75 प्रतिशत तक कम हो जता है। इसके अलावा सर्वांगासन और बालासन योग करने से लो ब्लड प्रैशर भी नार्मल रहता है।

2. मजबूत मांसपेशियां

योग करने के फायदे: नियमित रूप से योगा करने पर आपकी मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शरीर में खून के बहाव भी बेहतर बना रहता है। इससे आप स्वस्थ तो रहते ही हैं साथ ही इससे सही ब्लड सप्लाई मिलने के कारण दिमाग भी सक्रिय रूप से कार्य करता है और दिमाग को नए ब्रेन सेल्स बनने में भी मदद मिलती है।

3. बढ़ता है मेटाबॉलिज्म

योग करने के फायदे: नियमित रूप से योगा करने से आपका मेटाबॉलिज्म बढ़ता है। जब आप योग के बाद आराम करते हैं, उस समय भी कैलोरी बर्न होती है, जिससे शरीर में चर्बी नहीं बनती और वजन तेजी से कम होता है। इसलिए इसे नियमित रूप से अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

4. दुरूस्त डाइजेशन सिस्टम

योग करने के फायदे: शरीर तभी फिट रह सकता है जब आपकी बॉडी का डाइजेशन सही हो ऐसे में योग करने से शरीर का डाइजेशन भी सही रहता है। योग करने से आपको समय पर भूख लगती है और समय पर खाना खाने आपका डाइजेशन भी बेहतर बना रहता है।

5. छोटी-मोटी प्रॉब्लम भी रहती हैं दूर

योग करने के फायदे: फिट रखने के लिए आप कई तरह के योगासन कर सकते हैं, लेकिन कहा जाता है कि प्राणायाम के ढेरों फायदे हैं। प्राणायाम करने से दमा, एलर्जी, साइनोसाइटिस,पुराना नजला, जुकाम आदि रोगों से निजात पाया जा सकता है।

6. बेहतर बल्ड सर्कुलेशन

योग करने के फायदे: बल्ड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने के लिए भी आप योगासन कर सकते हैं। इसके लिए आप अनुलोम-विलोम कर सकते हैं। इससे फेफड़ों की ऑक्सीजन ग्रहण करने की क्षमता बढ़ती है, जिससे बॉडी में ऑक्सीजन की प्रॉपर सप्लाई होने से बल्ड सर्कुलेशन बढ़ता ही है। इससे साथ ही इससे आपकी हड्डियां भी मजबूत होती हैं।

7. वजन घटाने में मददगार

योग करने के फायदे: योगासन के रोजाना अभ्यास से शरीर से फैट कम होता। आपको बता दें कि जिम आदि से शरीर के किसी खास अंग की ही एक्सरसाइज हो पाती है, लेकिन योग से बॉडी के सारे पार्ट्स की एक्सरसाइज हो जाती है। इससे वजन ज्यादा तेजी से कम होता है।

8. शुगर कंट्रोल

योग करने के फायदे: डायबिटीज के मरीजों के लिए तो योगा बेहद फायदेमंद है। दिन में सिर्फ एक बार योग करने से ही अपने डायबिटीज पर बिना किसी दवाई के कंट्रोल पा सकते हैं।

9. बुढ़ापे में भी रखता है स्वस्थ

योग करने के फायदे: नियमित रूप से योग करने पर आप बुढ़ापे में भी जवानी की तरह दुरुस्त रह सकते हैं। सर्वांगासन, सिंहासन, मत्स्येंद्रासन, भुजंगासन जैसे कुछ योगासन अपना कर आप अपनी त्वचा और स्किन का ग्लो बढ़ा सकते हैं।

10. तनाव से दूर

योग करने के फायदे: योगा तनाव से बचने या इसे दूर करने की बेस्ट मेडिसिन हैं। सुबह उठकर अगर आप प्राणायाम करते हैं तो इससे आपको बाकी के पूरे दिन तनाव महसूस नहीं होगा और रात को नींद भी अच्छी आएगी।

Yoga Ke Prakar In Hindi

प्रतेक्य बार योग करने के लिए सबसे उचित समय है सुबह और शाम आप दो घटें तक योग को करें. इन दोनों समय आप कभी भी योग क्रिया कर सकते है. एवं कुछ और समय भी जिन पर योग किया जा सकता है. अगर दिन का कोई समय योग के लिए निर्धारित कर लें, तो यह उत्तम होगा. योग करने के योगा मैट या दरी बिछा कर रखें क्योंकि इससे शारीरिक एनर्जी जमीन पर नही जाएगी.

1. पद्मासन:

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योगा के प्रकार: इस आसन से रक्त संचार तेजी से होता है और उसमें शुद्धता आती है। यह तनाव हटाकर चित्त को एकाग्र कर सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।

2. वज्रासन:

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योगा के प्रकार: वज्रासन से जाघें मजबूत होती है। शरीर में रक्त संचार बढ़ता है। पाचन क्रिया के लिए यह बहुत लाभदायक है। खाना खाने के बाद इसी आसन में कुछ देर बैठना चाहिए।

3. सुप्त-वज्रासन:

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योगा के प्रकार: यह आसन वज्रासन की स्थिति में सोए हुए किया जाता है। इस आसन में पीठ के बल लेटना पड़ता है, इसिलिए इस आसन को सुप्त-वज्रासन कहते है, जबकि वज्रासन बैठकर किया जाता है। इससे घुटने, वक्षस्थल और मेरुदंड को आराम मिलता है।

4. मत्स्यासन:

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योगा के प्रकार: इस आसन में शरीर का आकार मछली जैसा बनता है, इसलिए यह मत्स्यासन कहलाता है। यह आसन से आंखों की रोशनी बढ़ती है और गला साफ रहता है।

5. वक्रासन:

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योगा के प्रकार: वक्रासन बैठकर किया जाता है। इस आसन को करने से मेरुदंड सीधा होता है। इस आसन के अभ्यास से लीवर, किडनी स्वस्थ रहते हैं।

6. पश्चिमोत्तनासन:

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योगा के प्रकार: इस आसन को पीठ के बल किया जाता है। इससे पीठ में खिंचाव होता है, इसीलिए इसे पश्चिमोत्तनासन कहते हैं। इस आसन से शरीर की सभी मांसपेशियों पर खिंचाव पड़ता है। जिससे उदर, छाती और मेरुदंड की कसरत होती है।

7. मयूरासन:

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योगा के प्रकार: इस आसन को करते समय शरीर की आकृति मोर की तरह दिखाई देती है, इसलिए इसका नाम मयूरासन है। इस आसन को बैठकर सावधानी पूर्वक किया जाता है। इस आसन से वक्षस्थल, फेफड़े, पसलियाँ और प्लीहा को शक्ति प्राप्त होती है।

8. शवासन:

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योगा के प्रकार: शवासन में शरीर को मुर्दे समान बना लेने के कारण ही इस आसन को शवासन कहा जाता है। यह पीठ के बल लेटकर किया जाता है और इससे शारीरिक तथा मानसिक शांति मिलती है।

9. सर्वांगासन:

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योगा के प्रकार: इस आसन में सभी अंगो का व्यायाम होता है, इसीलिए इसे सर्वांगासन कहते हैं। इस आसन को पीठ के बल लेटकर किया जाता है। इससे दमा, मोटापा, दुर्बलता एवं थकानादि विकार दूर होते है।

10. हलासन:

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योगा के प्रकार: हलासन में शरीर का आकार हल जैसा बनता है, इसीलिए इसे हलासन कहते हैं। इस आसन को पीठ के बल लेटकर किया जाता है। हलासन हमारे शरीर को लचीला बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।

11. विपरीत नौकासन:

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योगा के प्रकार: नौकासन पीठ के बल लेटकर किया जाता है, इसमें शरीर का आकार नौका के समान प्रतीत होती है। इससे मेरुदंड को शक्ति मिलती है। यौन रोग व दुर्बलता दूर करता है। इससे पेट व कमर का मोटापा दूर होता है।

11. ताड़ासन:

 

योगा के प्रकार: इससे शरीर की स्थिति ताड़ के पेड़ के समान रहती है, इसीलिए इसे ताड़ासन कहते हैं। यह आसन खड़े होकर किया जाता है। इस आसन को नियमित करने से पैरों में मजबूती आती है।

12. पादहस्तासन:

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योगा के प्रकार: इस आसन में हम अपने दोनों हाथों से अपने पैर के अंगूठे को पकड़ते हैं, पैर के टखने भी पकड़े जाते हैं। चूंकि हाथों से पैरों को पकड़कर यह आसन किया जाता है इसलिए इसे पादहस्तासन कहा जाता है। यह आसन खड़े होकर किया जाता है।

13. कटिचक्रासन:

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योगा के प्रकार: कटि का अर्थ कमर अर्थात कमर का चक्रासन। यह आसन खड़े होकर किया जाता है। इससे कमर, पेट, कूल्हे को स्वस्थ रखता है। इससे कमर की चर्बी कम होती है।

14. सूर्य नमस्कार:

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योगा के प्रकार: सूर्य नमस्कार करने से शरीर निरोग और स्वस्थ होता है। सूर्य नमस्कार की दो स्थितियां होती हैं- पहले दाएं पैर से और दूसरा बाएं पैर से।

15. शीर्षासन:

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योगा के प्रकार: सिर के बल किए जाने की वजह से इसे शीर्षासन कहते हैं। इससे पाचनतंत्र ठीक रहता है साथ ही मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ता है, जिससे की स्मरण शक्ति सही रहती है।

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